Showing posts with label Harivansh Ray Bachchan. Show all posts
Showing posts with label Harivansh Ray Bachchan. Show all posts

Sunday, 2 February 2014

नए युग की मधुशाला


बैर करांते मंदिर मस्जिद ! मेल कराती मधुशाला !!
दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!

आदम के बच्चो ने क्या हाल किया मधुशाला !!
हाथ मे चखना और हाथो मे मदिरा का प्याला !!





हम तो अभी यही कहेंगे दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!
कन्याओ ने भी अब रख्खा कदम है मधुशाला !!

कलयूग रंग दिखायेगा तड़प उठेगी मधुशाला !!
बच्चो ने अब राह है पकड़ी मधुशाला !!

डिस्प्रिन से उतरेगा अब हंगोवर मधुशाला !!
हम तो अभी यही कहेंगे दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!

साथी भी अब साथ चला है मधुशाला !!
गटर मे गिर के उतारेगी अब नशे की हाला !!

सरकार बढाती टैक्स, रुकी नहीं मधुशाला !!
बूंद बूंद पिते है पैमाने की और भीढ़ बढ़ी है मधुशाल !!

बैर करांते मंदिर मस्जिद ! मेल कराती मधुशाला !!
दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!


Saturday, 3 March 2012

जो बीत गई सो बात गई

जीवन में एक सितारा था

माना वह बेहद प्यारा था

वह डूब गया तो डूब गया

अंबर के आंगन को देखो

कितने इसके तारे टूटे

कितने इसके प्यारे छूटे

जो छूट गए फ़िर कहाँ मिले

पर बोलो टूटे तारों पर

कब अंबर शोक मनाता है

जो बीत गई सो बात गई



जीवन में वह था एक कुसुम

थे उस पर नित्य निछावर तुम

वह सूख गया तो सूख गया

मधुबन की छाती को देखो

सूखी कितनी इसकी कलियाँ

मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ

जो मुरझाईं फ़िर कहाँ खिलीं

पर बोलो सूखे फूलों पर

कब मधुबन शोर मचाता है

जो बीत गई सो बात गई



जीवन में मधु का प्याला था

तुमने तन मन दे डाला था

वह टूट गया तो टूट गया

मदिरालय का आंगन देखो

कितने प्याले हिल जाते हैं

गिर मिट्टी में मिल जाते हैं

जो गिरते हैं कब उठते हैं

पर बोलो टूटे प्यालों पर

कब मदिरालय पछताता है

जो बीत गई सो बात गई



मृदु मिट्टी के बने हुए हैं

मधु घट फूटा ही करते हैं

लघु जीवन ले कर आए हैं

प्याले टूटा ही करते हैं

फ़िर भी मदिरालय के अन्दर

मधु के घट हैं,मधु प्याले हैं

जो मादकता के मारे हैं

वे मधु लूटा ही करते हैं

वह कच्चा पीने वाला है

जिसकी ममता घट प्यालों पर

जो सच्चे मधु से जला हुआ

कब रोता है चिल्लाता है

जो बीत गई सो बात गई



— हरिवंशराय बच्चन

.