Showing posts with label hindi Poem. Show all posts
Showing posts with label hindi Poem. Show all posts

Thursday, 6 February 2014

सपनो मे जा पंहुचा मैं मधुशाला



एक दिन छुटपन के सपनो मे जा पंहुचा मैं मधुशाला !!


ना मुझे शहद मिली, ना मिली कोई हाला !



रिझाती हाँथ पकड़कर मेरा वहा एक चंचल मधुबाला !


एक दिन छुटपन के सपनो मे जा पंहुचा मैं मधुशाला !!



पैमाने पैमानो से छलक रहे थे, मदहोश थी मधुशाला !


एक दिन छुटपन के सपनो मे जा पंहुचा मैं मधुशाला !!





कोई रोता कोई हस्ता बेबाक थी मधुशाला !


एक दिन छुटपन के सपनो मे जा पंहुचा मैं मधुशाला !!



दुःख की नदियाँ सुख के गोते खेल खिलाती मधुशाला !


एक दिन छुटपन के सपनो मे जा पंहुचा मैं मधुशाला !!


Sapano Me Ja Pahucha Mai Madhushala



Ek Din Ke Chhutpan Ke Sapano Me Ja Pahucha Mai Madhushala !


Na Mujhe Vaha Shahad Mili Na Mili Koi Hala !!





Rijhatee Hanth Pakad Mera Vaha Ek Chanchal Madhubala !


Ek Din Ke Chhutpan Ke Sapano Me Ja Pahucha Mai Madhushala !!





Paimane Paimano Se Chhalak Rahe The, Madhosh Thee Madhushala !


Ek Din Ke Chhutpan Ke Sapano Me Ja Pahucha Mai Madhushala !!





Koi Rota Koi Hasta, Bebak Thee Madhushala !


Ek Din Ke Chhutpan Ke Sapano Me Ja Pahucha Mai Madhushala !!





Dukh Ki Nadiyan Sukh Ke Gote Khel Khilati Madhushala !


Ek Din Ke Chhutpan Ke Sapano Me Ja Pahucha Mai Madhushala !!


Wednesday, 5 February 2014

वो सितारा - II



मुंबई की तंग गलियों में कही खो गया मै,


पर क्या वो सितारा अभ्भी चमकता है।





कई दिन बीते मिला नहीं मै,


पर क्या वो सितारा अभ्भी चमकता है।





अँधेरी और उजली रात का एहसास नहीं है,


पर क्या वो सितारा अभ्भी चमकता है।





जाने दिन बीते कितने मैंने ऊपर नहीं देखा है,


पर क्या वो सितारा अभ्भी चमकता है।





लाईट की चका चौंध में तारे गुम गए,


पर क्या वो सितारा अभ्भी चमकता है।





सुना टूट के एक तारा गिरा कही है,


पर क्या वो सितारा अभ्भी चमकता है।





Vo Sitara - II


Mumbai Ki Tang Galiyo Me Mai Kahi Kho Gaya,
Par Kya Vo Sitara Abhi Chamkta Hai!

Kai Din Bite Mila Nahi Hu,
Par Kya Vo Sitara Abhi Chamkta Hai!

Andheri Aur Ujali Raat Ka Ehsaash Nahi Hai!
Par Kya Vo Sitara Abhi Chamkta Hai!

Jaane Din Bite Kitane Maine Upar Nahi Dekha Hai,
Par Kya Vo Sitara Abhi Chamkta Hai!

Light Ki Chaka Chundh Me Tare Gum Gaye,
Par Kya Vo Sitara Abhi Chamkta Hai!

Suna Hai Tut Ke Ek Tara Gira Kahi Hai,
Par Kya Vo Sitara Abhi Chamkta Hai!

Tuesday, 4 February 2014

वो सितारा


गाँव की अँधेरी रातों में,


वो सितारा उजाला फैलता था। 





उजियाले चाँद की रोशनी में,


वो सितारा कही छुप जाता था।





मै जब रात को सो जाता था,


वो सितारा मेरा मन बहलाता था। 





दूर गगन में जुगनू सा टिमटिमाता,


वो सितारा कलाबजिया दिखता था। 





मै लेट लतीफ़ देर से आता,


वो सितारा मुझे समय का एहसास करता था। 


Vo Sitara


Gaon Ki Andheri Rato Me,
Vo Sitara Ujala Phailata Tha!

Ujiyale Chand Ki Roshani Me,
Vo Sitara Kahi Chhup Jata Tha!

Mai Jab Raat Ko Thak Jata,
Vo Sitara Mera Man Bahlata Tha!




Dur Gagan Me Jugnu Sa Timtimata,
Vo Sitara Kalabaziya Dikhata Tha!




Mai Late Latif Der Se Aata,
Vo Sitara Muje Samay Ka Ehsaas Karaat Tha!

Sunday, 2 February 2014

नए युग की मधुशाला


बैर करांते मंदिर मस्जिद ! मेल कराती मधुशाला !!
दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!

आदम के बच्चो ने क्या हाल किया मधुशाला !!
हाथ मे चखना और हाथो मे मदिरा का प्याला !!





हम तो अभी यही कहेंगे दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!
कन्याओ ने भी अब रख्खा कदम है मधुशाला !!

कलयूग रंग दिखायेगा तड़प उठेगी मधुशाला !!
बच्चो ने अब राह है पकड़ी मधुशाला !!

डिस्प्रिन से उतरेगा अब हंगोवर मधुशाला !!
हम तो अभी यही कहेंगे दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!

साथी भी अब साथ चला है मधुशाला !!
गटर मे गिर के उतारेगी अब नशे की हाला !!

सरकार बढाती टैक्स, रुकी नहीं मधुशाला !!
बूंद बूंद पिते है पैमाने की और भीढ़ बढ़ी है मधुशाल !!

बैर करांते मंदिर मस्जिद ! मेल कराती मधुशाला !!
दिल तोड़ती प्रियम्वदा ! राह दिखाती बारबाला !!


Friday, 31 January 2014

Chhutpan Ke Sapano Me Khoya Hai Man



Chhutpan Ke Sapano Me Khoya Hai Man, Kabhi Jagate Kabhi Sote Roya Hai Man !!





Kabhi Vo Bachpan Ki Lukka Chhippi Me Muskrata Hai Man !





Mogali, Alif laila Ki Kahaniyo Ko Soch Khil Khilata hai Man !





Maa Ki Daant Aur Pathshala Ke Gharkaam Ko Soch Ghabraata Hai Man !





Kabhi Langadi Aur Kabhi Kabbaddi Me Kho Jata Hai Man !





Charane Ki Toffi Aur pachas Paise Ki Malai Kulfi Se Lalchata Hai Man !





Chhutpan Ke Sapano Me Khoya Hai Man ! Kabhi Jagate Kabhi Sote Roya Hai Man !!


Thursday, 30 January 2014

घोटालो को देखकर दिया आम आदमी रोए


घोटालो को देखकर दिया आम आदमी रोए ,

सोना चांदी लुट गया , कोयला भी अब चोरी होए !



घोटालो की जैसे बाढ़ है आयी,

किसी ने 10 तो किसी ने 100 लाख करोड़ की लुटिया डुबोई !



अंधेर नगरी अनबुझ राजा,

टके शेर भाजी टके शेर खाजा !



गरीब का तो हाल बेहाल है,

नेताजी को सिर्फ बच्चो और बैंक बैलेंस का खयाल है !



काम नहीं करने को तो चोरी करवाते है

देश का पैसा बंदरो की तरह आपस में बाँट कर खाते है !



घोटालो को देखकर दिया आम आदमी रोए ,

सोना चांदी लुट गया , कोयला भी अब चोरी होए !



Ghotalo Ko Dekhakar Diya Aam Aadmi Roye



Ghotalo Ko Dekhakar Diya Aam Aadmi Roye !


Sona Chandi Loot Gaya, Ab Koyala Bhi Chori Hoye !!





Ghotalo Ki Jaise Baadh Hai Aayee !


Kisi Ne 10 To Kisis Ne 100 Lakh Ki Lutiya Dubayee !!





Andher Nagari, Anbhuj Raja !


Take Sher Bhaji, Take Sher Khaja !!





Garib Ka To Haal Hee Behal Hai !


Netaji Ko Sirf Bachho Aur Bank Balance Ka Khayal hai !!





Kaam Nahi Hai Karanake Ko To Chori Karwate Hai !


Desh Ka Paisa Aapas Me Bandaro Ki Tarah Baatkar Khate Hai !!






Ghotalo ko Dekhakar Diya Aam Aadmi Roye !


Sona Chandi Loot Gaya, Ab Koyala Bhi Chori Hoye !!



Tuesday, 21 January 2014

झोल हैं



बोफोर्स राजीव का झोल हैं! 





चारा लालू का झोल हैं! 





ताबूत जॉर्ज का झोल हैं! 





2 जी राजा का झोल हैं! 





CWG कलमाड़ी का झोल हैं! 





आदर्श चव्हाण का झोल हैं! 





झोल हैं बस झोल हैं!





झोल में भी इक झोल हैं!


Monday, 20 January 2014

बारिश की फूहार



मदमस्त कर जाती है बारिश की फूहार ! 





नए सपने दिखती है बारिश की फूहार 





नयी उमंग भर जाती  है बारिश की फूहार 





हरियाली दिखलाती है बारिश की फूहार 





भीनी खुस्बू फैलाती है बारिश की फूहार 





मोर से नृत्य कराती है बारिश की फूहार 





सर्द सवेरा लाती है बारिश की फूहार 





मदमस्त कर जाती है बारिश की फूहार 


Sunday, 19 January 2014

महँगाई



रोज़ाना जिए, रोज़ाना मरे इस महँगाई में। 


एक दिन पंकाए, तीन दिन खाए,


चौथे दिन भूखे ही जाए इस महँगाई में। 


रोने से भी आँखों में पानी न आये इस महँगाई में। 


नौकरी कि तलाश में जिंदगी कि बैंड बज जाए इस महँगाई में। 


शराब, शबाब , कबाब एक भाव में आए इस महँगाई में। 


पानी भी सोने के मोल में आए इस महँगाई में। 


रोज़ाना जिए, रोज़ाना मरे इस महँगाई में। 


पैसा है अनमोल



ग़रीब हो तो, पैसा है अनमोल! 





अमिर हो तो, पैसा है अनमोल! 





नेता हो तो, पैसा है अनमोल! 





व्यपारी हो तो, पैसा है अनमोल! 





कपड़े हो तो, पैसा है अनमोल! 





खाना हो तो, पैसा है अनमोल! 





सोना हो तो, पैसा है अनमोल! 





जागना हो तो, पैसा है अनमोल!





हर किसी का है मोल , पैसा है अनमोल! 





रंग बदलती दुनिया में , पैसा है अनमोल!


Monday, 13 January 2014

मन मुस्करता


जब सावन घिर के आता है, मन मुस्करता है !
जब ठंडी हवा मचलती है, मन मुस्करता है !





जब समंदर गोते खाता है, मन मुस्करता है !
जब पंक्षी डालो पर चहकते है, मन मुस्करता है !




जब कोई प्यार का राग बजाता है, मन मुस्करता है !
जब जीवन मधुर हो जाता है, मन मुस्करता है !




जब गीत मल्हार गाता है, मन मुस्करता है !
जब सावन घिर के आता है, मन मुस्करता है !


Thursday, 9 January 2014

मुझे उसकी याद आती हैं



चांद की चांदनी को देख कर मुझे उसकी याद आती हैं! 





पंक्षी के जोड़ो को देख कर मुझे उसकी याद आती हैं! 





कल-कल नदी की तरंगो से मुझे उसकी याद आती हैं! 





सूरज की किरणो को देख कर मुझे उसकी याद आती हैं! 





प्यार के पल टटोल कर मुझे उसकी याद आती हैं!  





शक्कर सी मीठी बोली बोलकर मुझे उसकी याद आती हैं!  





तन्हाई के पलो में मुझे उसकी याद आती हैं!  





पत्ते पर ओस को देख कर मुझे उसकी याद आती हैं! 





गुलाब पे मंडराते भवरो को देख कर मुझे उसकी याद आती हैं! 


Wednesday, 8 January 2014

देश बन गया ढोल है बाबू !


देश बन गया ढोल है बाबू !

खुल गयी सबकी पोल है बाबू !!



नेता जी मोबाइल लाइन चुराते है !

महारथी मोबाइल नेटवर्क बेच खाते है !!



पेट्रोल, प्याज, बियर अब एक भाव में आते है !

महंगाई रोकेंगे नेताजी  सिर्फ चिल्लाते है !!



सत्ता में है तो घोटाले पर घोटाले करवाते है !

विपक्ष में बैठ कर घोटालो को गलत बताते है !!



मनोमहन ने न बोलने कि कसम खाई है !

दिग्विजय के चुप रहने में कांग्रेस कि भलाई है !!



देश बन गया ढोल है बाबू !

खुल गयी सबकी पोल है बाबू !!





Thursday, 2 January 2014

Socha Barish Ke Naam Kuchh Likh Du



Socha Barish Ke Naam Kuchh Likh Du,


Use Ek Paigam Likh Du !





Kyo Tu Baras Ke Tham Jati Hai,


Na Thame To Kaher Dhati Hai !





Tujhase Moh Mujhe Bahut Gahera Hai,


Tere Tham – Tham Ke Barsane Se Chamkta Chehra Hai !





Tune Kai Jeevano Ko Mahkaya,


Par Teri Aafat Ne Kai Jeevano Ko Jalaya !





Tu Na Barase To Mai Tadpta Hu,


Tere Barsane Par Bhi Mai Tadpta Hu !





Socha Barish Ke Naam Kuchh Likh Du,


Use Ek Paigam Likh Du !







मधुर हैं



कोयल की कूक मधुर हैं! 


पपीहे की पीप  मधुर हैं! 






आम की मिठास मधुर हैं! 


आम की खटास मधुर हैं! 






झरने का राग मधुर हैं! 


बहने  का अंदाज मधुर हैं! 






माँ का प्यार मधुर हैं! 


माँ का दुलार मधुर हैं! 






बारिश की फुहार मधुर हैं! 


बारिश की झनकार मधुर हैं! 






मौसम का साज मधुर हैं! 


मौसम का आगाज़ मधुर हैं! 






गरमी में छाँव मधुर हैं! 


ठंडी में धूप मधुर हैं! 






दुःख में सुख का स्वाद मधुर हैं! 


हार में जीत का अंदाज मधुर हैं!






Wednesday, 1 January 2014

आँखों मे आंसू आ जाते है !


हम जब खुश होते है , आँखों मे आंसू आ जाते है !

हम जब दुःख मे होते है , आँखों मे आंसू आ जाते है !

हम जिन्दगी मे जब तनहा होते है , आँखों मे आंसू आ जाते है !

भीड़ मे चलते चलते , आँखों मे आंसू आ जाते है !

जब एक नया जीवन मिलता है , आँखों मे आंसू आ जाते है !

जब जीवन का अंत होता है , आँखों मे आंसू आ जाते है !

जीत की ख़ुशी से , आँखों मे आंसू आ जाते है !

हर के गम से , आँखों मे आंसू आ जाते है !

सुख की घडी मे , आँखों मे आंसू आ जाते है !

दुःख के काँटों की चुभन से , आँखों मे आंसू आ जाते है !

बस ऐ सब कहेते कहेते , आँखों मे आंसू आ जाते है !

.